Wednesday, January 6, 2010

मार्ती - निकोलस गियेन की कविता

निकोलस गियेन: क्यूबा के ‘राष्ट्रीय कवि’। ‘ब्लैक पोयट्री’ के प्रतिनिधि कवि। पूरा नाम निकोलस क्रिस्तोबाल गियेन बतिस्ता। क्यूबा के कामाग्वे में जन्म (1902-1989)। कवि, पत्रकार और राजनीतिक कार्यकर्ता।यह कविता क्यूबा के पूर्वोत्तर में स्थित एक शहर मार्ती पर है।

मार्ती

ओह!
मत सोचो कि उसकी आवाज
एक आह है! जिसके पास है
परछाईं के हाथ
और धुँधली दृष्टि हैं बूँदे जैसे
ठंड से काँपती कोई तिल किसी
गुलाब पर
उसकी आवाज
दरार डाल दे चट्टान में, उसके हाथ
दरका दे लोहे, उसकी आंखे
पहुंच जायें जलती हुई रात के जंगलों तक,
रात के काले जंगल

उसे छेड़ो: पाओगे कि जलाता है तुम्हे
उसे हाथ दो: देखोगे उसकी खुली बाहें
जिसमे समा जाये समूचा क्यूबा
जैसे तूफान में मजबूत पंखो वाली
चमकदार तोमेगिन।

पर जरा रात में चलो इसके पीछे:
आह! क्यों खींचती हैं तुम्हे स्वच्छ राहें
उसकी रौशनी किसी रात में।

मार्ती: क्यूबा के पूर्वोत्तर का शहर।
तोमेगिन: सुरीली आवाज में गाने वाला फिन्च समुदाय का पक्षी।

(श्रीकांत दुबे ने इस कविता का अनुवाद स्पानी भाषा से किया है। उनकी कविताओं से पूर्व परिचित हम जैसो के लिये यह सुखद है कि वो अनुवाद के बहुतेरे काम कर रहें है जो इस ब्लॉग पर समय-दर-समय आती रहेंगी। सूचनार्थ: ये मार्खेज की कुछ ऐसी रचनाओं का अनुवाद कर रहे हैं जो अंग्रेजी में भी उप्लब्ध नहीं हैं। )

4 comments:

vijay gaur/विजय गौड़ said...

बहुत बहुत आभार इस अनुवाद को प्रस्तुत करने के लिए और इस सुखद खबर को देने के लिए कि अनुवाद स्पानी मूल से हुआ है।
"ठंड से काँपती कोई तिल किसी
गुलाब पर" भाई स्पष्ट पकड़ नहीं पा रहा हूं। ऎसे ही एक और शब्द है-
तोमेगिन*।
भाई श्रीकांत दुबे का आभार एवं शुभकामनाएं। आगे इंतजार बना रहेगा।

Shrikant Dubey said...

प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद, विजय जी!! "ठण्ड से काँपता तिल किसी/ गुलाब पर" का इस्तेमाल शायद एक रूपक के तौर पर किया है, जिसमे गुलाब पूरा देश है, और तिल 'मार्ती' शहर है. और "तोमेगिन" क्यूबा में पाया जाने वाला और कोयल सरीखा गाने वाला एक चमकीले रंग का पक्षी है.

श्रीकांत

सागर said...

बहुत कम ही अनुवाद कविता की आत्मा को जीवित रखते हैं... यहाँ बहुत हद तक आप सफल लगे मुझे... विशेष कर कमेंट्स में आपने कुछ समझा भी दिया है... बहुत बहुत शुक्रिया... व्याख्या बहुत पसंद आई

रंगनाथ सिंह said...

साहित्यिक प्रतिभा से धनी लोगों ने जब भी अनुवाद किया है कमाल किया है। हिन्दी में दोगले अनुवाद की बहुतयात है। ऐसे में श्रीकांत का सीधे स्पेनिश से अनुवाद करना हिन्दी की अनुपम सेवा है।